Original recording of Lal Bahadur shastri ji.
आज दो नेताओं की जयंती है। एक करमचंद गांधी और दूसरे लालबहादुर शास्त्री। लालबहादुर जहां हथियारों का जवाब हथियारों से देने की बात करते थे, और उन्होंने पाकिस्तान को करारा जवाब देकर पराजित भी किया।
वहीं, करमचंद गांधी एक गाल की जगह दूसरी गाल पर थप्पड़ खाने की वकालत करते थे, जिस कारण पाकिस्तान निर्माण के वह अनेक कारकों में से एक कारक बने। दोनों की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि 🙏
गांधी के जीवन में अनेक विरोधाभास तो था ही, पाखंड की भी बड़ी पराकाष्ठा थी उनके जीवन में। कांग्रेस और भाजपा ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और आक्रामकता की जगह गांधी का चोला अधिक ओढ़ा, क्योंकि उसमें महात्मापन की आड़ में अनैतिक कृत्य करना कहीं अधिक आसान है!
बिना पूर्वग्रह गांधी के हर पहलू को समझने के लिए प्रखर श्रीवास्तव की पुस्तक 'हे राम' मैं आज की पीढ़ी को सजेस्ट करता हूं ताकि उनके अंदर वह पाखंड न आए जो हमारी पिछली पीढ़ियों के अंदर 'गांधीवाद' का नाम पर गहरे आया हुआ है।
इस देश में भगवान राम और भगवान कृष्ण की आलोचना तो हो सकती है, परंतु गांधी को पैगंबर बना दिया गया, जिसकी आलोचना नहीं हो सकती। पिछले साल गांधी की आलोचना करने पर कलीचरण महाराज को जेल हुई थी और 'महात्मा नहीं थे गांधी' यह वीडियो श्रृंखला करने पर मुझे एक नोटिस का सामना भी करना पड़ा था!
हम 'अब्राहमिक पैगंबरवाद' से पहले ही जूझ रहे हैं, अतः 'हे राम' पढ़िए ताकि कोई पोलिटिकल पार्टी, नेता और सत्ता तंत्र आप पर कोई नया पैगंबर न थोप सके। धन्यवाद।
पुस्तक प्राप्ति लिंक: https://www.kapot.in/product/hey-ram-gandhi-hatyakand-ki-pramanik-padtal-pb/
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